Kalam Ki Awaaz Se.....

kuch kalam ki baatein....

45 Posts

110 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 4981 postid : 28

आज़ादी क्या है....

Posted On: 19 Dec, 2011 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

…………… आज़ादी क्या है ये हमे आज तक नहीं पता चला…..हमारे देश में हर..साल १५ अगस्त मनाया जाता है……और बहुत ही खुशियों के साथ ….और बहुत सारी मनोकामनाओ के साथ …..

ये सोच कर की वक़्त के साथ साथ हमारा देश भी आगे बड़ रहा है….हर वो चीज़ है हमारे देश में जिसके लिए हम पहले सोचते थे… और अब हमारा देश ऐसे ही आगे बढ़ता रहेगा …….

आज़ादी हमारे देश को मिला पर क्या हम कभी आजाद हो पाए है….अच्छा चलो मान लेते है की हम आजाद है पर क्या …वाकई में हम आजाद है…क्या हम समाज के पुँराने रूडी वादी विचारो , से आजाद है…..ज़रा सोचये इस बात को……हम आये दिन अकबारो में….ओंनर किलिंग के बारे में पढ़ते है…..आज हमारे समाज में हर वक़्त हर घडी दो ज़िन्दगी ख़त्म होती है …..क्या हमारे समाज में प्यार करना गलत है ….या फिर …..प्यार ना करना गलत है….क्यूँ हमारा समाज प्यार करने वालो को घिरे नजरो से देखते है…आखिर क्यूँ क्या वजय है ………इसीलिए क्यूंकि हमारे पूर्वज ने ये नियम बनाया है की लड़का लड़की शादी के बाद ही प्यार कर सकते है ……मैं यहाँ पूर्वजो की कही या फिर बनायीं गयी नियम पर सवाल नही कर रही हो……मैं यहाँ ये कह रही हो की हमारे पूर्वजो ने ये भी तो नियम नहीं बनाये की हम प्यार करने वालो को मौत के घाट उतर दे…..क्या हमारे संस्कार ये कहते है…….प्यार होना या फिर हमारा किसी का होना ये खुदा के कारण होता वही सब कुछ जोड़ता है …तो हमे उसके फेसले की इज़त तो करने चाहिए न……

आज़ादी हमे अपने आप से नही मिले है…..जब तक समाज में फेली जातिवाद को ख़त्म नहीं कर देते तब तक हमारा देश आजाद नहीं होगा ……और अगर ऐसा नही होया तो ना जाने कितनी और मौते होगी……

शालिनी शर्मा

| NEXT

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

abodhbaalak के द्वारा
December 20, 2011

शालिनी जी ये प्रश्न तो सच में अक्सर लोग करते हैं की क्या हम सच में आजाद हैं? लोगो की अलग अलग राय है, रही बात अआपके दुसरे विषय यानी प्यार की तो समस्या ये है की प्यार अब शब्द बन कर रह गया है, आज फिल्म और केबल के कारण, सीरियल्स में प्यार को जिस तरह से परोसा जा रहा है की के प्यार प्यार न होकर कुछ और ही ………… सुन्दर प्रयास, ऐसे ही लिखती रहें, निश्चित तौर पर आप पहेल से अच्छा …… http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    shalini sharma के द्वारा
    December 20, 2011

    हाँ मैं आपके बात से सहेमत हो लेकिन फिर भी प्यार के मायने कभी नहीं बदलते है……प्यार ही प्यार ही होता है…….. शुक्रिया मेरे लेख को पढने के लिए ………..

pramod chaubey के द्वारा
December 19, 2011

आदरणीया शालिनी जी,  सादर प्रणाम आप में विचार है। इसे इंकार नहीं किया जा सकता है।  अपनी बातों को बेहतर तरीके से कहने की सामर्थ्य आप में है।  मेरी बातों से गुस्सा आ सकता है….विचार वहीं बेहतर माने जा सकते हैं,  जिस पर  हम आज और कल भी उस पर अडिग रहें। आपके लिए  महज एक बात…प्यार या प्रेम में वासना नहीं है…राधा-कृष्ण के  विवाह नहीं हुए थे… शेष  फिर कभी……   

    shalini sharma के द्वारा
    December 20, 2011

    मैं वही लिखा जो मुझे लगा……लेकिन अभी बहुत बाते बाकि है….जिस पर हमे विचार करना चाहिए,,,,,,,,, शुक्रिया मेरे लेख पढने के लिए..


topic of the week



latest from jagran